पुलवामा में हुआ आतंकवादी हमला:- एक विश्लेषण

              प्रदीप कुमार गौतम
              शोधार्थी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी

     आज विश्व पटल में आतंकवाद का नाम सुनते ही खूनी संघर्ष, लतपथ लाशें, रोते बिलखते बच्चे, हताहत मानवता के दृश्य आँखों के सामने यकायक छा जाते हैं। भयानक धमाके निर्मम सिर कलम, मनुष्यों को जबरन आग में झोकना, करूण चीख-पुकारें हृदय को झकझोर देती है, सैनिकों के बसों के उड़ते चीथड़े बिखरे शवों को देखकर तब प्रश्न उठता है कि आखिर आतंकवाद है क्या ? आतंकवाद का शाब्दिक अर्थ हिंसा, लूटपाट आदि के आतंक फैलाकर अपना राजनीतिक उद्देश्य सिद्ध करने की विचारधारा। यह अर्थ निश्चित रूप से संकुचित अर्थ को प्रदर्शित करता है। आतंकवाद राजनीति से प्रेरित हुआ था, लेकिन आज यह हिंसा, आतंक के बल पर दुनिया में भय को कायम कर अपने उद्देश्यों की पूर्ति करना चाहता है। आज यह धर्म, वर्ग के आधार पर अपनी कट्टरता को समाज में स्थापित करना चाहता है। एक तरह से ये मनोरोगी की श्रेणी में आ चुके हैं, क्योंकि आतंक फैलाना कोई विचारधारा नहीं है। विचारधारा तो परिचर्चा की मांग करती है, जो शायद इन आतंकवादियों में नहीं है। जिसकी वजह से वे मानवता हो खंडित करने में थोड़ी- सी भी देर नही लगाते हैं ।

  जम्बू- कश्मीर की घाटी में यह 15 वर्षों के पश्चात आज सबसे बड़ा आतंकवादी हमला हुआ है और यह हमला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 78 वाहनों के काफिले में श्रीनगर से 30 किलो मीटर दूर श्रीनगर- जम्बू राजमार्ग में अवंतीपुरा इलाके में पुलवामा में हुआ है । जिसने सम्पूर्ण मानवता को झंकृत करके ह्रदय को कंपा दिया है तथा हमारे देश के प्रत्येक नागरिक झकझोर दिया है और यह सोचने में मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक यह जंग जारी रहेगी, कब तक कट्टरता देश को खोखला करती रहेगी ? आज देश का प्रत्येक नागरिक जब समय पर कर चुकाकर देश को एक शक्तिशाली राष्ट्र में शुमार कर रहा है, तब भारत की खुफिया एजेंसियां फेल क्यों हो रही है ? या एजेंसियों के सचेत करने के पश्चात भी सबसे सुरक्षित हाइवे में 350 किलो विस्फोटक सामग्री कहाँ से पहुँच जाती है ?  प्राप्त तथ्यों के अनुसार खुफिया एजेंसियों व कश्मीर पुलिस ने 08 फरवरी 2019 को ही DIG, CRPF दक्षिण श्रीनगर, DIG, CRPF, उत्तर श्रीनगर, DIG, CRPF, नकोर बारामुल्ला, DIG, CRPF, स्कोर, अवंतीपुरा,   DIG, CRPF, सकोर, अनंतिनाग, DIG, SSB, SHQ(SPL OPS) कश्मीर को पत्र लिखकर अलर्ट जारी करते हुए पूरे एरिया को सेनिटाइज करने के लिए बोला था, क्योंकि उन्हें यह आभास था कि घाटी में सुरक्षा बलों की तैनाती या आवाजाही के दौरान आई ई डी से हमला किया जा सकता है, इतना आगाह करने के पश्चात भी भारी लापरवाही बरती गई । इतना ही नही जब कभी भी सैनिकों का काफिला चलता है, तो उसमें एक हजार से अधिक सैनिक एक साथ नही चलते हैं और जहाँ से सेना निकलती है, उस एरिया की पूरी तरह से जांच होती है तथा सैनिकों को बख्तरबंद गाड़ियों में ले जाया जाता है, जिससे कोई भी विस्फोटक सामग्री क्षति न पहुंचा सके । किंतु क्या कारण रहे, जिसकी वजह से सभी पहलुओं को धता बताकर एक ही काफिले में 2547 जवान भेजे गए और वे भी बस के माध्यम से । सर्वाधिक सुरक्षित हाइवे में प्रत्येक गाड़ी की चेकिंग होने बाद ही हाइवे में चढ़ने की इजाज़त दी जाती है, तब 350 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ एक गाड़ी हाइवे में कहाँ से पहुँची । जहाँ पर विस्फोट हुआ है, उससे कुछ ही दूरी पर दो दिन पूर्व ही एक स्कूल में आतंकवादी धमाका हुआ था, जिसमें पांच बच्चे बुरी तफह जख्मी हुए थे । 17 जनवरी 2019 को श्रीनगर के सेंट्रल राजबाग एरिया में ग्रेनेट फेंका जाता है । 10 फरवरी 2019 को श्रीनगर के लाल चौक में ग्रेनेट फेंका जाता है, जिसमें ग्यारह से अधिक लोग बुरी तरह घायल हो जाते हैं, इसके बावजूद सुरक्षा में कोताही बरतने से सीधा अभिप्राय है कि सेना के मामले में यह चूक जानबूझकर की गई है । इस हमले ने हमारे देश के खोखले तंत्र को उजागर करके फिर से सोचने में मजबूर कर दिया है, भारत देश मे रहते हुए कुछ युवा आतंकवादी  गतिविधियों में लिप्त होकर घरेलू आतंकवादी बन जाते हैं और खुफिया एजेंसियां पता नही कर पाती है ,तब करोड़ो की जनसंख्या वाले इस देश मे प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है ?

  हमारी स्वयं की चूक को देखे बिना ही tv चैनलों के कुछ ऐंकरो को जैसे पाकिस्तान को धूल चटाने का मौका मिल गया हो और वे न्यूज़ रूम में बैठकर भड़काऊ भाषा का प्रयोग करने लगते हैं । उनकी भाषा से ऐसा लगता है, जैसे कुछ ही देर में वे आतंकवादियों पर हमला बोल देंगे । हकीकत यह है कि ये ही ऐंकर रात दिन हिन्दू-मुस्लिम डिवेड चलाकर दंगा भड़काने का काम करते हैं और आज इन्हें पाकिस्तान में चढ़ाई करने का मौका मिल गया है, तो भाषाई जुबान से हमला बोले हुए हैं । जबकि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सीधे तौर पर भड़काऊ भाषा और सैनिकों क्षत-विक्षत लाशों को दिखाने से सख्त मना किया है ।
सैनिकों की शहादत में राजनीति भी रोटी सेंकती है और अपने भेदभाव को उजागर करती है, एक ओर जहाँ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश से शहीद हुए सैनिकों के परिवार वालों को एक करोड़ रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देंने का वादा किया तो उसी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदों के परिवार वालों को 25 लाख रुपये और नौकरी देने का वादा किया है, जिसकी वजह से योगी आदित्यनाथ जी की सोशल मीडिया में जमकर भर्त्सना हो रही है, क्योंकि लखनऊ में कुछ समय पूर्व विवेक तिवारी नाम के सख्स को एक पुलिस वाले ने गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जिसकी वजह से मीडिया ने ऐसा रोना रोया की योगी आदित्यनाथ ने उसके परिवार को एक करोड़ रुपये और नंबर एक ग्रेड की नौकरी उसकी पत्नी को प्रदान की थी । जिसकी वजह से लोगों ने लिखा कि योगी जी क्या सैनिकों की जान की कीमत विवेक तिवारी से कम है । दूसरी ओर देश मे मातम पसरा हुआ है , ऐसे अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी झाँसी में चुनावी रैली को सम्बोधित करने से पीछे नही हटते हैं और मोदी जी की झाँसी की रैली की खिलखिलाकर हँसने की फ़ोटो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है, जो बेहद दुखद और अफसोस कि बात है, जहाँ किसी एक नेता की मृत्यु हो जाती है, तो तीन-तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाता है, वहीं 40 जवान एक साथ शहीद हो जाने के पश्चात भी राष्ट्रीय शोक घोषित नही किया जाता है, जो प्रधानमंत्री के झूठे राष्ट्रभक्ति को दर्शाता है और बीजेपी का यथार्थ चेहरा हम सभी के समक्ष प्रस्तुत हो जाता है । शहीद हुए जवानों में महाराष्ट्र से राठौड़ नितिन शिवाजी, संजय राजपूत, उत्तराखंड से वीरेंद्र सिंह, मोहनलाल, उत्तर प्रदेश से अवधेश कुमार यादव, पंकज कुमार त्रिपाठी, अमित कुमार, विजय कुमार मौर्या, राम वकील, प्रदीप कुमार, रमेश यादव, कौशल कुमार रावत, प्रदीप सिंह, श्याम बाबू महेश कुमार, अजीत कुमार आजाद, बिहार से रतन कुमार ठाकुर, संजय कुमार सिंहा, पंजाब से कुलविंदर सिंह, जैमाल सिंह, सुखविंदर सिंह, मनिंदर सिंह अटटी, तमिलनाडु से शिवचंद्रन सी, सुब्रमंयम जी, असम से मनेश्वर बसुमटारी, जम्मू- कश्मीर से नसीर अहमद, हिमाचल प्रदेश से तिलक राज, झारखंड से विजय सोरेंग, केरल से वसंथ कुमार वी वी कर्नाटक से गुरु एच. उड़ीसा से मनोज कुमार बेहरा, पी.के.साहू, राजस्थान से हेमराज मीणा, नारायण लाल गुर्जर, रोहिताश लंबा, जीत राम केशव, भागीरथी सिंह, मध्य प्रदेश से अश्वनी कुमार कोची, वेस्ट बंगाल से सुदीप विश्वा, बबलू संत्रा आदि वीर जवान शहीद हुए हैं । जिसने भारत की भारतीयता को हिलाकर रख दिया है ।
  
   जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी आदिल अहमद ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 78 वाहनों पर दोपहर 03:30 मिनट पर घटना को अंजाम दिया, जिसके पश्चात देश के अंदर शोक की लहर दौड़ गई और देश के प्रमुख राष्ट्रीय दलों में कांग्रेस, आर.जे.डी. आम आदमी पार्टी आदि ने सभी राजनैतिक कार्यक्रम निरस्त कर दिए और दूसरी ओर सत्ता धारी दल बीजेपी  के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कर्नाटक में देर रात तक चुनावी दौरे के रूप में संबोधित करते हुए राम मंदिर बनाने का बखान करते रहे, जो उनकी राष्ट्रभक्ति पर प्रश्न ही नही उठाता है, बल्कि निर्दयी ह्रदय से युक्त होने का एहसास दिलाता है । उसी रात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केरल में जनता को लाइव संबोधित करते रहे । पीयूष गोयल और फडणवीस  तमिलनाडु में गठबंधन करार हेतु रात में संबोधित करते रहे । इन सभी से आगे बढ़कर बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी रात भर गाना गाते हुए नृत्य करते रहे, जो देश के  जवानों के साथ भद्दा मजाक है और हमारे देश के प्रधानमंत्री मा0 नरेंद्र मोदी जी सैनिकों की शहादत के बाद भी झाँसी में जाकर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के साथ विभिन्न परियोजनाओं का उदघाटन व शिलान्यास करते हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न नेता मौजूद रहते हैं ।

    इस आतंकवादी हमले के पश्चात पूरी बीजेपी टीम पाकिस्तान पर हमलावर हो गई है, लेकिन जम्बू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पूरी जिम्मेदारी के साथ कहते है - ‘यह भी खुफिया विफलता का नतीजा है कि हमें पता ही नहीं था कि उनमें से कोई फिदायीन है. मैं यह बात स्वीकार कर सकता हूं कि यह शख्स (आत्मघाती हमलावर जिसकी पहचान आदिल अहमद दार के रूप में की गई है) काफी हद तक हमारे संदिग्ध की सूची में था. लेकिन दवाब के कारण वे छुप गए थे और किसी ने भी उन्हें अपने घरों में पनाह नहीं दी थी. वह जंगलों या पहाड़ियों में कहीं छुप गया. हमें उसके बारे में पता था लेकिन हम उसका पता नहीं लगा सके. ऐसा बहुत कम होता है लेकिन वह हमारे हाथ से निकल गया. हालांकि बाकी सभी मार गिराए गए थे.
      हमारे देश मे जितनी भी आतंकवादी घटनाएँ हुई हैं, उनमें पाकिस्तान का हाथ जरूर रहता है और यह बात किसी से छुपी नही है, किंतु पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने मात्र से काम चलने वाला नही है, पाकिस्तान अपनी आदत से मजबूर है, वह बार-बार मुँह की खाने के पश्चात भी हमला करता है, तब हमें और भी सचेत रहने की जरूरत है, किंतु पाकिस्तान हमें यह अहसास कराता है कि आपकी सुरक्षा एजेंसियां कितनी कमजोर है, इसलिए हमें अपनी सुरक्षा एजेंसियों के फेलियर को देखना होगा तथा सजग रहते हुए कूट नीति के माध्यम से आतंकवाद को नेस्तनाबूद करना होगा ।

DASFI सदस्यों ने मान्यवर कांशीराम साहेब परिनिर्वाण पर प्रकट किया दुख

आज दिनांक 09/10/2018 को डॉ अम्बेडकर स्टूडेंट फ़्रंट ऑफ़ इंडिया (रजि) द्वारा बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी की 12 वी पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी की गई।जिसके मुख्यअतिथि मा जितेन्द्र कुमार पहाड़ी (प्रदेश उपाध्यक्ष Dasfi)
विशिष्ट अतिथि मा अवधेश ताई (प्रदेश सचिव Dasfi) मा राहुल प्रताप जाटव (प्रदेश महासचिव msp) रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेंद्र फाईटर व सौरभ वर्मा जिलाध्यक्ष msp व गोष्ठी का संचालन राजा भारत भूषण आजाद ने किया तथा सभी ने बहुजन विचार धारा के प्रति अपने विचार व्यक्त किए।अन्त मे शिवम चौधरी जिलाध्यक्ष झाँसी Dasfi ने सभी बहुजन साथियो का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर रविकांत राव, अरविंद कुमार देवा, बृषभान गौतम तुलाराम सिंह सूर्यवंशी विशाल कुमार एड अरविंद अहिरवार आशीष प्रेमी रामलखन सिंह गौतम कृष्णकान्त गौतम एस के अहिरवार राहुल मुकेश कनौजिया सहित दर्जनों छात्र एवं समाज सेवी उपस्थित रहे।
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श्री दिनेश नरवाना ही रहेंगे हरियाणा के प्रदेश प्रभारी


         दिनांक -18/07/2018                                      
    
                                                 आदेश
        डॉ अम्बेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया DASFI राष्ट्रीय कार्यकारिणी की संस्तुति व बहुमत के के आधार पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्णय को बदलते हुए श्री दिनेश नरवाना जी को हरियाणा प्रदेश का प्रभारी पद पूर्ववत रखा जाता है तथा संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी आगामी बैठक तक हरियाणा की टीम में कोई परिवर्तन नही किया जाएगा ।                                            
                                        जय भीम नमो बुद्धाय जय मान्यवर कांशीराम
                                                                                                       जारीकर्ता
                                                                                                    प्रदीप कुमार गौतम
                                                                                                
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, DASFI
  
अनुमोदनकर्ता
1.मा. प्रदीप कुमार गौतम ~राष्ट्रीय उपाध्यक्ष 2.मा. मु0 हुसनैन~राष्ट्रीय संयुक्त सचिव
3.मा. प्रमोद कुमार~राष्ट्रीय सचिव   4.मा. प्रीत कांशी~राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
5.मा.धर्मवीर~राष्ट्रीय कार्यकरणी सदस्य 6.मा.अमित प्रकाश~राष्ट्रीय कार्यकरणी सदस्य
 7.मा.पूनम ~राष्ट्रीय कार्यकरणी सदस्य

09 जून को पंजाब DASFI मनाएगी संकल्प दिवस समारोह

डॉ अम्बेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ़ इण्डिया DASFI प्रदेश इकाई पंजाब के तत्वाधान में 9 जून को DASFI  सामाजिक एवं राजनैतिक संकल्प दिवस समारोह मनाने जा रही है  यह कार्यक्रम  गाँव शेरगढ़ जिला पटियाला में शाम को होने जा रहा है जिसमे संगठन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मा0 प्रीत कांशी जी DASFI पंजाब की टीम को साथ लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु भीषण गर्मी में भी प्रत्येक घर तक कार्यक्रम की सुचना पहुंचा रहे है वे अपनी फेसबुक वाल में लिखते है 09 जून को होने वाले प्रोग्राम को लेकर आज बहुत सारे प्रबुद्ध साथियों को प्रोग्राम में आने के लिए निमंत्रण दिया सभी प्रबुद्ध साथियों ने बहुत मान सम्मान और सहयोग दिया उमीद से कहीं ज्यादा लोगों ने हर तरह से सहयोग देने के लिए कहा और कहा की हर समय हम आपके साथ है और पूरा सहयोग भी हमारा आप लोगों के साथ है इतना मान और सम्मान देने के लिए सभी प्रबुद्ध साथियों का बहुत बहुत साधुवाद ..
जय भीम जय भारत जय साहब कांशीराम जी

















DASFI प्रदेश इकाई राजस्थान की गवर्निंग बॉडी का गठन

DASFI राजस्थान की गवर्निंग बॉडी का गठन किया गया
जिसमे:-
1पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मा.लालसिंह मारण
2पूर्व प्रदेश प्रभारी बनवारी लाल बुनकर
3पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मा.एम आर मंडीवाल
4पूर्व प्रदेश महासचिव मा.भगवती प्रसाद सांडेला
को राजस्थान dasfi की कोर कमेटी के सदस्य बनाया गया है।
Dasfi में अनुशासन कायम रखते हुए सिर्फ dasfi के संविधान अनुरूप ही कार्य किए जाएंगे।
Dasfi के खिलाफ जो भी गैर- सामाजिक कार्यों या dasfi के संविधान के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगा उन पर कार्यवाही जरूर व त्वरित गति से एक्शन लिया जाएगा।
अतः dasfi राजस्थान के साथी अनुशासन बनाए रखते हुए dasfi का इमानदारी से कार्य करे।
ऐसा कोई गलत कार्य नहीं करे जिससे बहुजन समाज की विचारधारा के विकास को उन्नति  की ओर ले जाया जाएं।
*जारीकर्ता*
*देवीलाल बालान*
*राष्ट्रीय महासचिव, DASFI*
*अनुमोदन कर्ता*
1.मा.अभिमन्यु अम्बेडकर
~राष्ट्रीय अध्यक्ष
2.मा. प्रदीप कुमार गौतम
~राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
3.मा. देवीलाल बालान
~राष्ट्रीय महासचिव
4.मा. मु0 हुसनैन
~राष्ट्रीय संयुक्त सचिव
5.मा. प्रमोद कुमार
~राष्ट्रीय सचिव
6.मा. प्रीत कांशी
~राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
7.मा.धर्मवीर
~राष्ट्रीय कार्यकरणी सदस्य
8.मा.अमित प्रकाश
~राष्ट्रीय कार्यकरणी सदस्य
9.मा.पूनम
~राष्ट्रीय कार्यकरणी सदस्य
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