ABOUT US

डॉ अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया (रजि0) DASFI एक अम्बेडकरवादी रजिस्टर्ड छात्र संगठन है. जो बहुजन मूवमेंट को आगे बढाते हुए छात्र और युवा हित में कार्य करता है. DASFI  संगठन बहुजन महापुरुषों की विचारधारा को समाज के युवाओ तक पहुंचाने तथा एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत है. संगठन राष्ट्रीय स्तर पर अनेक राज्यों में कार्यरत है, संगठन युवाओ का युवाओ के लिए युवाओ द्वारा संचालित एक साँझा प्रयास है.

विचारधारा :-
बाबा साहब द्वारा दिए गए सिद्धांत शिक्षा, संघर्ष और संगठनका अनुशरण करते हुए DASFI संगठन बहुजन युवाओ को अम्बेडकरवाद से अवगत करा उन्हें समाज से जोड़ने के कार्य करता है. DASFI पूर्णतः कैडर-बेस्ड संगठन है, जो सामाजिक जागरूकता के साथ साथ समाज में व्याप्त मनुवादी व्यवस्था को ध्वस्त करने तथा युवाओ के माध्यम से मानववादी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना करने को प्रयासरत है.
शिक्षा :-

बाबा साहब द्वारा दिए गए पहले सिद्धांत शिक्षा पर फोकस करते हुए DASFI  संगठन समाज के छात्रों को सीधे संगठन से जोड़ता है, तथा शिक्षा में आने वाली उनकी समस्याओ का समाधान करता है तथा शिक्षा के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, धार्मिक रूप से अम्बेडकरी विचारधारा से मजबूत करने के लिए समय -समय साप्ताहिक वर्कशॉप आयोजन करता है । जिससे शिक्षित होने के बाद बहुजन युवाओं केओ अपने वास्तविक उद्देश्य मालूम रहे ।   बाबा साहब ने कहा था की शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगी वो दहाड़ेगा. उसी शिक्षा को समाज के प्रचार प्रसार के लिए हम बहुजन छात्रों एवं छात्राओ को संगठन से जोड़ते है और उनकी शिक्षा सम्बन्धी समस्याओ का निदान करते है. बाबा साहब ने जिस शिक्षा की बात की वो सिर्फ किताबी शिक्षा की बात नहीं थी, सामाजिक ज्ञान के बारे में बाबा साहब ने साथ ही कहा था, हम विद्यार्थी वर्ग को समस्त बहुजन महापुरुषों के विचारों के बारे में अवगत करा उन्हें बहुजन मिशन से जोड़ते है. ताकि आगे  चलकर वे  मनुवाद नामक बीमारी से ग्रस्त समाज का सही इलाज कर सके.
संघर्ष :-
बाबा साहब द्वारा दिए गए दूसरे सिद्धांत संघर्ष को अपनाते हुए DASFI  संगठन सामाजिक जागरूकता के लिए संघर्षरत है, एक विद्यार्थी का जीवन संघर्षो से जूझता हुआ गुजरता है, एडमिशन  से लेकर शिक्षा पूरी होने तक उन्हें हज़ारो समस्याओ के खिलाफ संघर्ष कर आगे बढ़ना होता है अन्यथा उनकी शिक्षा पूर्ण नहीं हो पाती है, किन्तु वह संघर्ष व्यक्तिगत संघर्ष है, हम विद्यार्थियों को सामाजिक संघर्ष से अवगत करते है और उन्हें समाज-हित में संघर्ष की प्रेरणा देते है. बाबा साहब ने कहा था की मेरा जीवन संघर्ष ही मेरा सन्देश है.बाबा साहब का जीवन संघर्ष विद्यार्थी वर्ग को बताने के बाद उन्हें गुलामी का अहसास कराया जाता है जिससे वो स्वाभाविक रूप से गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए अग्रसर होते है.
संगठन :-
संगठन अब तक देशभर से 40  से अधिक संगठनो को अपने साथ जोड़ चुका है,  इन सभी संगठनो के पदाधिकारी अपना पुराना संगठन ख़त्म कर DASFI  के रूप में उभर रही राष्ट्रीय बहुजन युवा शक्ति के साथ जुड़कर कार्य कर रहे है. संगठन को और अधिक मजबूती से समाज में स्थापित करने और काम को अधिक फैलाने के लिए समाज के युवाओ और संगठनो को संगठित करने का कार्य भी संगठन कर रहा है. बाबा साहब ने अंतिम समय में अत्यंत दुखी मन से ये बात कही थी की मुझे मेरे समाज के पढ़े लिखे लोगो ने ही धोखा दिया है. समाज ने आगे आने वाली शिक्षित युवा पीढ़ी समाज और बाबा साहब को धोखा न दे इसके लिए हम उन्हें उनके शिक्षा-काल में ही महापुरुषों के विचारो से अवगत कराते है, ताकि शिक्षित होने के बाद वह युवा अपनी शिक्षा का सदुपयोग समाजहित में करे.